भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM Kusum Yojana) किसानों को सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत किसान सोलर पंप, ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट और डीज़ल पंप के स्थान पर सोलर पंप अपनाकर न सिर्फ अपनी खेती की लागत घटा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी कमा सकते हैं।
APS (Australian Premium Solar) किसानों और कृषि उद्यमों को उच्च गुणवत्ता वाले सोलर पैनल, इन्वर्टर और EPC समाधान प्रदान करता है, जिससे PM Kusum Yojana का लाभ सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से मिल सके।
PM Kusum Yojana क्या है?
PM Kusum Yojana का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना, डीज़ल पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। यह योजना तीन प्रमुख घटकों (Components) में लागू की जाती है:
Component-A: ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट
- किसान, किसान समूह (FPO) या सहकारी समितियां 500 kW से 2 MW तक के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट स्थापित कर सकती हैं।
- उत्पादित बिजली DISCOM को बेची जाती है, जिससे नियमित आय होती है।
Component-B: स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप
- डीज़ल पंप या ग्रिड-आधारित पंप की जगह स्टैंडअलोन सोलर पंप।
- दूरदराज़ इलाकों में सिंचाई के लिए बेहद उपयोगी।
Component-C: ग्रिड-कनेक्टेड सोलराइजेशन
- पहले से लगे कृषि पंपों को सोलर से जोड़ा जाता है।
- अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर किसान कमाई कर सकते हैं।
PM Kusum Yojana के लाभ
- बिजली बिल में बचत और डीज़ल खर्च से मुक्ति
- अतिरिक्त आय: बची हुई बिजली बेचकर
- पर्यावरण अनुकूल: कार्बन उत्सर्जन में कमी
- कम रखरखाव और लंबी उम्र
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थिर सिंचाई
सब्सिडी संरचना
राज्य और घटक के अनुसार सब्सिडी अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यतः:
- केंद्र सरकार: 30% तक सब्सिडी
- राज्य सरकार: 30% तक सब्सिडी
- किसान अंशदान: शेष 40% (या कम)
नोट: सब्सिडी प्रतिशत राज्य नीति और DISCOM दिशानिर्देशों के अनुसार बदल सकता है।
PM Kusum Yojana के लिए पात्रता
- आवेदक भारतीय किसान होना चाहिए
- कृषि भूमि का वैध स्वामित्व/पट्टा
- DISCOM और राज्य एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पालन
- बैंक/वित्तीय संस्थान की आवश्यकताएं (यदि लागू हों)
आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)
- राज्य के आधिकारिक PM Kusum पोर्टल पर पंजीकरण
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें (भूमि रिकॉर्ड, पहचान पत्र, बैंक विवरण)
- DISCOM/एजेंसी द्वारा सत्यापन
- स्वीकृति के बाद सोलर सिस्टम की स्थापना
- ग्रिड कनेक्शन और कमीशनिंग
APS पूरी प्रक्रिया में तकनीकी मार्गदर्शन, डिज़ाइन, सप्लाई और इंस्टॉलेशन सहायता प्रदान करता है।
PM Kusum Yojana के लिए APS क्यों चुनें?
APS भारत की अग्रणी सोलर मैन्युफैक्चरिंग और सोल्यूशन कंपनियों में से एक है, जो किसानों और औद्योगिक ग्राहकों को भरोसेमंद सोलर समाधान देती है।
- उच्च दक्षता वाले सोलर पैनल (कठोर मौसम के लिए उपयुक्त)
- विश्वसनीय इन्वर्टर और BOS
- EPC एंड-टू-एंड समाधान
- मजबूत वारंटी और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट
- सरकारी मानकों और DISCOM आवश्यकताओं का पूर्ण अनुपालन
APS के साथ, किसान PM Kusum Yojana का लाभ जोखिम मुक्त और लंबे समय तक उठा सकते हैं।
PM Kusum Yojana से जुड़ी आम FAQs
Q1. क्या छोटे किसान भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, पात्रता राज्य नीति पर निर्भर करती है। कई राज्यों में छोटे और सीमांत किसान भी शामिल हैं।
Q2. सोलर पंप की लाइफ कितनी होती है?
सामान्यतः 20–25 वर्ष, न्यूनतम रखरखाव के साथ।
Q3. क्या बैंक लोन उपलब्ध है?
कई राज्यों में किसान अंशदान के लिए बैंक/सरकारी वित्त सहायता उपलब्ध है।
PM Kusum Yojana किसानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा, लागत बचत और अतिरिक्त आय का मजबूत माध्यम है। सही सोलर पार्टनर के साथ यह योजना खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकती है।
यदि आप PM Kusum Yojana के तहत सोलर पंप या सोलर पावर प्लांट लगवाना चाहते हैं, तो APS से जुड़ें और भरोसेमंद सोलर समाधान के साथ अपने भविष्य को रोशन करें।
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